…तो इसलिए राजेश खन्ना थे बॉलीवुड के पहले सुपरस्टार

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उन्हें हम प्यार से काका कहकर याद करते हैं और औपचारिक रूप से वो हिंदी सिनेमा के पहले सुपरस्टार हैं. जब भी उनका जिक्र होता है हिंदी सिनेमा के एक ऐसे दौर की याद आती है, जिसकी हर फिल्म को आज हैशटैग मस्ट वॉच के साथ शेयर करने का मन करता है. उनकी बात कुछ ऐसी है कि उनके बारे में ज्यादा बात करने से ज्यादा उनके डायलॉग्स बार-बार दोहराने का ही नहीं, जिंदगी पर लागू करने का भी मन करता है. आखिर जिंदगी लंबी नहीं, बड़ी होनी चाहिए बाबू मोशाय.
आज उनका जन्मदिन है. वो हमारे बीच नहीं हैं, फिर भी कई ऐसी वजहें दे गए हैं कि आने वाले सौ सालों तक हर साल हम उनके जन्मदिन पर उन्हें याद करते रहना चाहेंगे.
अमृतसर में जतिन खन्ना के नाम से पहचाना जाने वाला एक लड़का हिंदी फिल्मों में राजेश खन्ना के नाम से ऐसा मशहूर हुआ कि 1969 से 1971 तक उन्होंने लगातार 15 हिट फिल्में दीं. जाहिर है कि सुपरस्टार का टाइटल मिलना ही था.आज बेशक रोमांस के नाम पर बॉलीवुड लवर्स को किंग खान याद आते हों, लेकिन एक ऐसा दौर था जब राजेश खन्ना से बड़ा कोई रोमांटिक हीरो दूर-दूर तक नजर नहीं आता था. उनकी ये इमेज बनी कुछ उनकी रोमांटिक फिल्मों की वजह से और कुछ उनकी फीमेल फैंस के कारण. ऐसे भी किस्से सुनने में आते हैं, जब उनकी फीमेल फैंस ने उनकी तस्वीर के साथ शादी कर ली. कुछ लड़कियों ने उन्हें अपने खून से खत
तक लिखकर भेजे थे.
उनका गुरुकुर्ता आज भी फेमस है. अगर आपने पहले कभी इस कुर्ते के बारे में नहीं सुना, तो बता दें कि राजेश खन्ना का ये गुरु कुर्ता 90 के दशक में काफी पॉपुलर हुआ था. कॉलर वाला कुर्ता और मुड़ी हुई स्लीव्स को राजेश खन्ना ने एक स्टाइल स्टेटमेंट बना दिया था.
इसके अलावा उनके कई ऐसे डायलॉग्स भी रहे हैं, जो कहावतों और मुहावरों से भी ज्यादा पॉपुलर हुए या कहना चाहिए आज भी पॉपुलर हैं-

जिंदगी और मौत ऊपरवाले के हाथ है. उसे ना आप बदल सकते हैं ना मैं
-आनंद

बाबू मोशाय जिंदगी बड़ी होनी चाहिए, लंबी नहीं.
-आनंद

किसी बड़ी खुशी के इंतजार में गम ये छोटे-छोटे खुशियों के मौके खो देते हैं.
-बावर्ची
मैंने मौत को देखा तो नहीं, पर शायद वो बहुत खूबसूरत है.
-नमकहराम

मैं मरने से पहले मरना नहीं चाहता
-सफर

पुष्पा, आई हेट टियर्स
-अमरप्रेम

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