BHU में बवाल : कमिश्नर की रिपोर्ट में यूनिवर्सिटी प्रशासन को लापरवाही का दोषी बताया गया

0
8

लखनऊ / नई दिल्ली: बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) में शनिवार की रात को छात्राओं पर हुए लाठीचार्ज के मामले में बनारस के कमिश्नर नितिन गोकर्ण ने अपनी रिपोर्ट तैयार कर ली है. इस रिपोर्ट में उन्होंने यूनिवर्सिटी प्रशासन को लापरवाही का दोषी ठहराया है. कमिश्नर ने जांच के दौरान वाइस चांसलर और पीड़ित लड़की समेत 12 लोगों के बयान लिए. रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि यूनिवर्सिटी प्रशासन ने मामले को गलत तरीके से हैंडल किया और वक्त रहते इसका हल नहीं निकाला. रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि अगर वक्त रहते इस मामले को सुलझा लिया गया होता तो इतना बड़ा विवाद खड़ा नहीं होता. रिपोर्ट के अनुसार इस पूरे मामले में सबसे बड़ा दोष प्रशासन का ही है, वह चाहते तो यह मामला आराम से निपट सकता था.

बीएचयू में बवाल के मामले में वाराणसी के कमिश्नर रमेश नितिन गोकर्ण ने प्रारंभिक रिपोर्ट सौंप दी है। रिपोर्ट में सीधे तौर पर यूनिवर्सिटी प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया गया है।
न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक कमिश्नर ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि यूनिवर्सिटी ने पीड़ित छात्रा की शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया और न ही मामले की संवेदनशीलता को समझा। रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि यूनिवर्सिटी प्रशासन ने इसके बाद भी लापरवाही बरती और स्थिति को समय रहते काबू करने के लिए कदम नही उठाए।
सूत्रों के मुताबिक रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि बीएचयू प्रशासन ने अगर धरने के पहले दिन ही छात्र-छात्राओं से संवाद किया गया होता तो परिसर में उपद्रव के हालात नहीं बनते। संवाद न होने से नाराजगी बढ़ गई और आंदोलन बढ़ गया।
bhu-security-pti_650x400_81506366676
यह भी बताया गया है कि कानून व्यवस्था ठीक होने और धरना शांतिपूर्ण होने का दावा करते हुए प्रशासनिक अधिकारियों ने भी पूरे मामले से दूरी बनाए रखी। जिला प्रशासन ने भी यदि शुरुआत में ही बीएचयू प्रशासन से वार्ता कर हल निकालने की कोशिश की होती तो छात्राओं की सुरक्षा की मांग को लेकर शुरू हुआ आंदोलन उग्र नहीं होता।

उल्लेखनीय है कि  शनिवार रात परिसर हुए पथराव, लाठीचार्ज, बमबाजी, आगजनी और फायरिंग के मामले में रविवार को प्रशासन से रिपोर्ट मांगी थी। इसी मामले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने छात्र-छात्राओं पर लाठीचार्ज की घटना की जांच कराने का निर्देश कमिश्नर नितिन रमेश गोकर्ण को दिया है। उनसे मीडियाकर्मियों की पिटाई पर भी रिपोर्ट मांगी गई है।

छुट्टी पर भेजे जा सकते हैं कुलपति

उधर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने बीएचयू की छात्राओं पर पुलिस लाठीचार्ज के मामले को लेकर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से बात की और जल्द से जल्द इस मुद्दे का समाधान निकालने को कहा है।

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि बीएचयू की घटना दुर्भाग्यपूर्ण है। इस मुद्दे पर जितना दुख जताया जाए वह कम है। मोदी और शाह ने इस मुद्दे को जल्द से जल्द सुलझाने के लिए आदित्यनाथ से बात की है।’ वहीं, छात्राओं से छेड़छाड़ और उन पर लाठीचार्ज के मामले में मानव संसाधन विकास मंत्रालय के मांगने के बाद विश्वविद्यालय प्रबंधन ने रिपोर्ट भेज दी है।

सूत्रों का कहना है कि मंत्रालय इस मामले को लेकर कुलपति को छुट्टी पर भेजने के विकल्पों पर विचार कर रहा है। कुलपति के खिलाफ की जाने वाली कार्रवाई को लेकर विशेषज्ञों से भी राय ली जा रही है।

गौरतलब है कि छेड़छाड़ के एक मामले को लेकर छात्राएं विरोध प्रदर्शन कर रही थीं। विश्वविद्यालय सूत्रों के मुताबिक, इस दौरान वहां मौजूद सुरक्षा गार्डों ने उन्हें रोका। बाद में पुलिस के लाठीचार्ज में एक छात्रा और दो पत्रकार घायल हो गए।

NO COMMENTS

LEAVE A REPLY