CBI ने शुरू की प्रद्युम्न हत्याकांड की जांच, सबूतों की खोज में स्कूल पहुंची फॉरेंसिक टीम

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गुरुग्राम। केंद्र सरकार ने प्रद्युम्न हत्याकांड की जांच शुक्रवार शाम सीबीआई को सौंप दी। जांच एजेंसी ने केस रजिस्टर्ड कर लिया। शनिवार सुबह सीबीआई की टीम रेयान स्कूल पहुंची जहां घटनास्थल को देखने के बाद मामले की जांच कर रही है। इसके अलावा फोरेंसिक टीम भी स्कूल में मौजूद है जो हत्या के मामले में सबूत एकत्रित करेंगी।

इससे पहले सीबीआई की दो सदस्यीय टीम रात 10.30 बजे पुलिस आयुक्त के ऑफिस पहुंची। वहां एसआईटी टीम की सदस्य एसीपी तान्या सिंह ने केस की फाइल उन्हें सौंपी।

एसीपी तान्या ने कहा कि सीबीआई की टीम शनिवार को घटना स्थल का मुआयना कर सकती है। उधर, प्रद्युम्न के पिता वरुणचंद ठाकुर ने उम्मीद जताई कि न्याय जल्द मिलेगा और सच्चाई सामने आएगी।

सोहना रोड पर गांव भोंडसी के पास स्थित रेयान इंटरनेशनल स्कूल की दूसरी कक्षा के छात्र प्रद्युम्न की हत्या स्कूल के ही बाथरूम में 8 सितंबर को गला रेतकर कर दी गई थी। गुरुग्राम पुलिस ने कुछ घंटे के भीतर स्कूल बस के हेल्पर अशोक को गिरफ्तार कर लिया था, लेकिन परिजनों की मांग पर हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने 15 सितंबर को इसकी जांच सीबीआई से कराने की घोषणा की थी।

18 सितंबर को राज्य सरकार ने सिफारिश केंद्र को भेजी जिसे शुक्रवार को मंजूरी मिल गई। सीबीआई के प्रवक्ता ने केंद्र सरकार से जांच की जिम्मेदारी मिलने की पुष्टि की है। मामले की जांच कर रही गुरुग्राम पुलिस द्वारा गठित एसआइटी अब अपनी पूरी रिपोर्ट सीबीआई को सौंप देगी।

साथ ही 26 सितंबर को स्कूल के ट्रस्टियों से पूछताछ भी नहीं करेगी। दरअसल, एसआइटी ने स्कूल के ट्रस्टी अगस्टाइन पिटो, ग्रेस पिटो एवं रेयान पिटो को नोटिस भेजकर 26 सितंबर को पूछताछ के लिए गुरुग्र्राम बुलाया था। इस मामले में रेयान इंटरनेशनल स्कूल के रीजनल हेड एवं एचआर हेड पहले ही गिरफ्तार किए जा चुके हैं।

वहीं, प्रद्युम्न के पिता वरुणचंद ठाकुर ने उम्मीद जताई है कि अब देश भर में स्कूल मैनेजमेंट सिस्टम बेहतर होगा और उन्हें न्याय मिलेगा। उन्होंने कहा कि प्रद्युम्न की हत्या केवल एक परिवार से जुड़ा मामला नहीं है बल्कि देश के हर परिवार से जुड़ा मुद्दा है। इस घटना के बाद हर व्यक्ति अपने बच्चे की सुरक्षा को लेकर चितित है। सीबीआई जांच शुरू होने से स्कूलों के भीतर डर पैदा होगा और वे किसी भी स्तर पर लापरवाही बरतने से डरेंगे।

सीबीआई द्वारा केस रजिस्टर्ड करने का मतलब है कि उसने जांच शुरू कर दी। गुरुग्राम पुलिस द्वारा गठित एसआइटी भी काफी बारीकी से जांच कर रही थी। परिजनों और लोगों की भावना को देखते हुए जांच सीबीआई को सौंपी गई है। निश्चित रूप से इस घटना ने सभी को हिलाकर रख दिया है। 

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